अच्छी खबर: अगले दो सालों में 50% तक बढ़ जाएगा भारत का सी फूड एक्सपोर्ट | india sea food export may rise to 12 billion dollar in two years


दुनिया भर में सी फूड (Sea Food) एक्पोर्ट करने वाले सबसे बड़े देशों में भारत का नाम भी शामिल है. भारत हर साल लगभग 8 बिलियन डॉलर तक सी फूड एक्पोर्ट करता है. हालांकि, अगले दो सालों में इस एक्पोर्ट में लगभग 50 फीसदी की बढ़ोतरी होने वाली है. मनीकंट्रोल के मुताबिक, अगले दो साल में भारत अपने सी फूड एक्पोर्ट को 8 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर लगभग 12 बिलियन डॉलर करने वाला है.

अमेरिका के लिए Shrimp का सबसे बड़ा सप्लायर है भारत

इसके लिए अमेरिका और यूरोप सहित हाई एंड मार्केट्स पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा. कॉमर्स मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने बताया कि भारत अमेरिका के लिए सी फूड खासकर फ्रोजन Shrimp का सबसे बड़ा सप्लायर है. इसका एक्सपोर्ट पिछले साल सालों में दोगुना होकर पिछले 2022-23 में 2.6 बिलियन डॉलर हो गया था.

Shrimp फार्मिंग

कॉमर्स मिनिस्ट्री के अनुसार, साल 2022-23 में भारत की ओर से जमे हुए Shrimp का टोटल एक्सपोर्ट 5.6 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया. अधिकारियों ने कहा कि सरकार एक्सपोर्ट्स के बीच अच्छे लेबर और माहौल के बारे में जागरूकता पैदा करते हुए वैल्यू एडिशन और हाई-एंड मार्केट्स में सप्लाई पर ध्यान देना चाहती है. जबकि दूसरे अधिकारी ने कहा कि Shrimp फार्मिंग लगभग 200,000 वर्कर्स खासकर आंध्र प्रदेश की महिलाओं के लिए एक बड़ा अवसर बनकर उभरा है. हालांकि, इस फाइनेंशियल ईयर में ग्लोबल डिमांड कमजोर रह सकती है.

चीन, यूरोपीय यूनियन, साउथ ईस्ट एशिया, जापान और मीडिल ईस्ट देश भी गांव के तालाबों में पैदा हुए भारत के फ्रोजन Shrimp के लिए बड़े मार्केट के रूप में उभरे हैं. इसके साथ ही जमे हुए मछली, ऑक्टोपस और कटलफिश जैसे अन्य सी फूड की भी इंटरनेशनल मार्केट में काफी डिमांड है. मानवाधिकार कानूनी समूह, शिकागो बेस्ड कॉर्पोरेट एकाउंटबिलिटी लैब की ओर से झींगा एक्पोर्टर्स की एक्सप्लोटेटिव लेबर प्रैक्टिसेस को लेकर एक रिपोर्ट जारी की गई थी. इस पर अपनी बात रखते हुए अधिकारियों ने कहा कि इस आरोप का कोई भी आधार नहीं था. यह अमेरिका और अन्य देशों के साथ ट्रेड रायवलरी की वजह से था.

पहले अधिकारी ने कहा कि कॉमर्स मिनिस्ट्री के अधिकारी सी फूड एक्पोर्टर्स से मिलेंगे. इसके साथ ही वह राज्य सरकार के साथ इस मुद्दे को उठाएंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी एक्सपोर्ट हाउसेज खरीदारों और विदेशी कंज्यूमर्स की डिमांड को पूरा करें. उन्होंने कहा कि किसी भी खरीदार की चिंता को दूर करने के लिए सरकार वर्किंग कंडिशन्स के इंडिपेंडेंट स्टडी के बारे में सोच सकती है. इसके अलावा फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (FIEO) ने कहा है कि Shrimp एक्सपोर्टर्स अमेरिका सहित अन्य देशों की जरुरतों को पूरा करने के लिए सी फूड सिक्योरिटी और क्वालिटी नॉर्म्स का पालन कर रहे हैं.


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