कुरुक्षेत्र। डॉ. आशीष अनेजा। संवाद
कुरुक्षेत्र। बदलता लाइफस्टाइल व खानपान दिन प्रतिदिन सेहत बिगाड़ रहा है, जिसकी चपेट में अधिक उम्र के लोग ही नहीं बल्कि युवा भी आ रहे हैं। मधुमेह, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों की चपेट में घिरते जा रहे हैं। मधुमेह पर अंकुश लगाने और अन्य जटिलताओं को कम करने के लिए प्रभावी स्वास्थ्य संवर्धन और प्राथमिक रोकथाम समय की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो मधुमेह इस सदी की सबसे बड़ी वैश्विक स्वास्थ्य आपात स्थितियों में से एक है, जोकि हृदय रोग, श्वसन रोग और कैंसर के प्रमुख कारणों में से एक है।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के मेडिकल ऑफिसर डॉ. आशीष अनेजा के मुताबिक डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट पर गौर करें तो 2019 में वैश्विक स्तर पर 74 प्रतिशत मौतों के लिए गैर-संचारी रोग जिम्मेदार थे, जिनमें से मधुमेह के कारण 1.6 मिलियन लोगों की मृत्यु हुई। भारत में मोटापा, एनीमिया और डायबिटीज मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। अब पुरुषों की तुलना में दोगुनी संख्या में महिलाएं एनीमिया से प्रभावित हो रही हैं तो वहीं महिलाओं में मोटापा 21 प्रतिशत से बढ़कर 24 प्रतिशत हो गया है। वहीं आईसीएमआर अध्ययन के मुताबिक 2019 में 70 मिलियन लोगों की तुलना में भारत में 101 मिलियन से अधिक लोग मधुमेह से पीड़ित हैं और 136 मिलियन लोगों को प्री डायबिटीज है, और 315 मिलियन से अधिक लोगों को उच्च रक्तचाप है। उन्होंने कहा कि लोगों को जंक फूड से दूरी बनानी चाहिए।
भोजन में संतुलित आहार जरूरी, जंक फूड से बचें : डॉ. अनेजा
डॉ. आशीष अनेजा के अनुसार मधुमेह एक ऐसा खतरनाक रोग है, जो कि शरीर को धीरे-धीरे खोखला कर देता है। एक बार यह बीमारी होने पर जीवनभर इसका साथ रहता है और अगर इसको नजरअंदाज किया जाए तो शरीर के दूसरे अंग निष्क्रिय हो सकते हैं। भोजन की सही मात्रा का अपने आहार में संतुलन रखना बेहद जरूरी है, जिसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फल और सब्जियां आदि शामिल होना चाहिए और जंक फूड से बचें। संतुलित आहार में पेय भी शामिल है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हाइड्रेटेड रहने की जरूरत है। ऐसे में आपको कैफीन और शुगर युक्त ड्रिंक्स को लेने से बचना चाहिए। गर्मी के मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, संतुलित और स्वस्थ आहार खाएं, योग और शारीरिक व्यायाम करते रहें।