
शिमला. भारत-पाकिस्तान के संबंधों पर अक्सर हम क्रिकेट के जरिये डिप्लोमेसी देखते आए हैं. हिमाचल प्रदेश में भी क्रिकेट स्टेडियम विवाद (Dharamshala Cricket Stadium) में कभी भाजपा और कांग्रेस के रिलेशन में रार आ गई थी. एक वक्त आया कि जब धर्मशाला में तत्कालीन सीएम वीरभद्र सिंह ने किसी भी मैच के आयोजन पर रोक लगा दी. लेकिन रविवार को न्यूजीलैंड और भारत (India-New Zealand Match) के बीच हुए विश्वकप के मुकाबले में अलग ही नजारा देखने को मिला. मैच के दौरान कहीं ना कहीं पूरे एक दशक के बाद वो सियासी गतिरोध टूटता दिखा.
दरअसल, संगठन में संघर्ष की राजनीति से मुख्यमंत्री बने सुखविंद्र सिंह सुक्खू क्रिकेट की पिच पर भी व्यवस्था परिवर्तन करने लगे हैं. 10 साल बाद कांग्रेस सरकार क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में मैच देखने पहुंची. सरकार के इस्तकबाल के लिये भाजपाई भी अपने पुराने तमाम गिले शिकवे मिटा कर पूरी तरह से पलक पावडें बिछा कर बैठ गए.
इस दौरान सीएम सुक्खू, मंत्री हर्षवर्धन चौहान और अन्य विधायक के साथ साथ प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला भी नजर आए. इस दौरान केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा के ही राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल भी दिखे.
इतिहास गवाह है कि जब तक वीरभद्र सिंह प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहे कांग्रेस का कोई मंत्री और विधायक तो छोड़ दीजिए, कभी नेता भी सार्वजनिक तौर पर धर्मशाला में होने वाले मैचों में न्योता मिलने के बावजूद भी नज़र नहीं आते थे. ऐसा इसलिए क्योंकि साल 2013 के बाद तत्कालीन कांग्रेसी प्रदेश प्रमुख वीरभद्र सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल परिवार में इसी स्टेडियम को लेकर ऐसी रार ठनी कि जब तक वो रहे वो उनके साथ बरकरार रही. मगर अब जब वो इस दुनिया में नहीं हैं तो शायद वो रार भी उनके साथ ही चली भी गई है, और इसकी मुहर कोई और नहीं बल्कि इस हाई बोल्टेज मैच में देखने को मिली. हालांकि, कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह मैच के दौरान नजर नहीं आए. वह प्रदेश के खेल मंत्री भी हैं. बता दें कि लंब समय बाद धर्मशाला शहर से कांग्रेस विधायक सुधीर शर्मा भी हाल ही में स्टेडियम में नजर आए थे.
अनिमितताओं का आरोप
बता दें कि धर्मशाला में क्रिकेट स्टेडियम बनाने का श्रेय अनुराग ठाकुर को जाता है. उन्हें के पिता की सरकार में इसका निर्माण शुरू हुआ था. लेकिन बाद में वीरभद्र सरकार ने इस मामले में अनुराग ठाकुर और पिता धूमल के खिलाफ केस दर्ज किया था. हालांकि, बाद में ये केस खारिज कर दिया गया था. दिवंगंत कांग्रेस नेता और हिमाचल के पूर्व सीएम रहे वीरभद्र सिंह इस स्टेडियम के निर्माण में अनियमितता का आरोप लगाते थे. उन्होंने भारत पाक के यहां मैच के आयोजन का भी विरोध किया था. लेकिन अब हिमाचल की सियासत में स्वर्गीय वीरभद्र सिंह गुट का दबदबा कम हो गया है. उनके निधन के बाद अब सुखविंदर सिंह सुक्खू का दौर शुरू हुआ है. उधर, भाजपा में भी प्रेम कुमार धूमल सियासी तौर पर एक तरह से रिटायर हो चुके हैं. ऐसे में दोनों ही पार्टियों के लिए यह मसला करीब-करीब खत्म हो गया है.
जयराम रमेश ने माफी मांगी
क्रिकेट स्टेडियम से जुड़े मसले पर कांग्रेस के नेता जयराम रमेश ने साल 2015 में धूमल और अनुराग पर भी आरोप लगाए. इस पर धूमल ने जयराम रमेश के खिलाफ कोर्ट में मानहानि केस दर्ज किया थ. अब इस मामले में उन्होंने धूमल से माफी मांगी है. बीते सप्ताह 16 अक्तूबर को लिखित तौर पर माफी मांगने के बाद कोर्ट में मामला रफा दफा हो गया. इससे पहले, जयराम रमेश माफी मांगने के लिए बाकायदा धूमल से मिलने हमीरपुर पहुंचे थे.
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FIRST PUBLISHED : October 23, 2023, 08:17 IST