
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Mon, 27 Nov 2023 01:10 AM IST
कानपुर देहात। पीडीए रैली में अखिलेश यादव ने दलित, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों के साथ अगड़ी जाति के लोगों को भी साधा। मड़ौली कांड कांड को लेकर प्रदेश सरकार को घेरा। कहा कि इसी जिले में बुलडोजर चलाकर झोपड़ी में आग लगाकर मां, बेटी की हत्या कर दी गई थी। वह न्याय के लिए मांग कर रही थी। सरकार के बुलडोजर ने सरकार के अधिकारियों के सामने जान ले ली। उनके मान सम्मान को किसी की चिंता नहीं रही।
प्रदेश के डिप्टी सीएम ने आश्वासन दिया था कि हम तुम्हारे साथ हैं। परिवार आज भी अफसरों के चक्कर काट रहा है। कानपुर में एक बीजेपी के नेता का सिख व्यापारी से झगड़ा हो गया। नेता ने उसे अपमानित कर उसे मारा और आंख फोड़ दी। एक बीजेपी के नेता ने किसान से छह करोड़ का चेक देकर जमीन लिखवा ली। किसान को पता चला कि जमीन की कीमत ज्यादा हो सकती है। इस पर बीजेपी के नेता ने चेक लेकर फाड़ दी। किसान ने आत्महत्या कर ली। उस परिवार के साथ सरकार खड़ी नहीं हुई। लखनऊ के एक पुलिस अधिकारी की जान चली गई। पुलिस छानबीन में लगी 400 सीसीटीवी खंगाले, अपराधी पहचाना गया। सरकार से कहना चाहता कि केवल रास्ते के 10 कैमरे खंगाल लेना, गाड़ी कैसे पलटी थी, उसकी पोल खुल जाएगी। जो 400 कैमरे खंगाल रहे हैं, 10 सीसीटीवी खंगालने की हिम्मत नहीं है। सरकार के लोग, संविधान, कानून को नहीं मानते हैं। यह दोबारा सरकार में आ गए तो हमारी व आप की परवाह नहीं करेंगे। इसलिए 2024 बहुत जरूरी है।